नैमिष की मौत से सबक नहीं, जानिए लखनऊ का हाल, जहां 8 बजते ही गाड़ी वाले बेकाबू हो जाते हैं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेज रफ्तार गाड़ियों का कहर जारी है। मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय में तैनात एडिशनल एसपी श्वेता श्रीवास्तव () के 10 वर्षीय बेटे नैमिष की ऐसी ही एक दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार सुबह पांच बजे नैमिष जनेश्वर मिश्र पार्क के पास जी-20 रोड पर स्केटिंग की प्रैक्टिस कर रहा था। उसी समय एक तेज रफ्तार एसयूवी ने उसे टक्‍कर मार दी। कार सवार दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन अफसोस है कि इस घटना के बाद भी पुलिस ज्यादा संजीदा नहीं दिख रही है। एनबीटी ऑनलाइन की टीम को कई जगह कार सवार तेज रफ्तार में जाते हुए दिखे। की ओर से जी-20 रोड पर खानापूर्ति के लिए सड़क के दोनों किनारों पर आधा दर्जन जगहों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। लेकिन वहां पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखा है। एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने बुधवार को रात 7:40 बजे के बाद 1090 चौराहे से लेकर जनेश्वर पार्क होते हुए जी-20 रोड तक पूरी पड़ताल की] सबकुछ एनबीटी के कैमरे में कैद हो गया।

चटोरी गली में पुलिस मुस्तैद दिखी, नहीं दिखी तेज रफ्तार गाड़ी

एनबीटी ऑनलाइन की टीम शाम 7:40 बजे के करीब 1090 चौराहे पर पहुंची। उस दौरान I LOVE LUCKNOW पॉइंट के पास पुलिस की गाड़ी के साथ दो पुलिसकर्मी मौजूद दिखे। यह चौराहा लखनऊ के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है। एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने 1090 चौराहे से 1090 ऑफिस होते हुए चटोरी गली तक का दौरा किया। इस दौरान एक भी तेज रफ्तार बाइक और कार सवार नहीं नजर आया। हालांकि चटोरी गली खाने पीने वालों की भीड़ से भरी हुई थी। यहां पर पुलिस भी मुस्तैद दिखी। आधा दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी चटोरी गली से होते हुए 1090 तक पैदल जाते हुए भी दिखे।

1090 के बाद कही नहीं दिखे पुलिसकर्मी, सब भगवान भरोसे!

इसके बाद एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने 1090 चौराहे से मरीन ड्राइव चौराहे से गोमती रिवर फ्रंट यानी समतामूलक चौराहे जाने वाले रास्ते पर पड़ताल की। इस रास्ते कहीं भी पुलिसकर्मी नहीं तैनात मिले। राहगीर आपने वाहन से मध्यम गति से आते जाते दिखे। वहीं अगर बीते दिनों की बात करे तो कभी कभार बाइक सवार स्टंटबाज इस रास्ते पर फर्राटा भरते बाइक चलाते नजर आ जाते थे। लेकिन बुधवार को रात करीब 8:15 बजे कोई भी तेज गाड़ी चलाते हुए कैमरे में कैद नहीं हुआ।

तेजी में आते हैं जी-20 से जनेश्वर आने वाले वाहन

एनबीटी ऑनलाइन की टीम ने बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे उस जनेश्वर पार्क इलाके में जाकर भी पड़ताल की, जहां एडिशनल एसपी श्वेता श्रीवास्तव के मासूम बेटे की रोड एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई थी। एनबीटी ऑनलाइन की टीम अंबेडकर चौराहा होते हुए सहारा शहर और फिर नीरज चौक चौराहा होते हुए जनेश्वर मिश्र पार्क के लिए पुल होते हुए आगे बढ़ी। पुल पर भी अक्सर स्टंटबाज बाइक सवार दिखाई पड़ जाते थे लेकिन आज वे भी नहीं दिखे।

कभी भी हो सकता है हादसा

पुल से उतरने के बाद जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट के पास भी ज्यादा भीड़ नहीं दिखी। इसका एक कारण रात के समय ठंडा होना भी माना जा रहा है। आगे बढ़ने पर रोड पर सन्नाटा ही था। कुछ राहगीर ही आ जा रहे थे। लेकिन इस दौरान शहीद पथ से जनेश्वर आने वाली गाड़ियां जरूर फर्राटा भरते हुए तेज रफ्तार में आते हुए दिखाई दे रही थीं। इस बीच बाए साइड में चाय नाश्ते की दुकानें भी एलॉट की गई है जहां बड़ी संख्या में युवक-युवती आते हैं।
पुलिस नदारद, बैरिकेडिंग के हवाले फर्राटा भरते वाहन
जनेश्वर पार्क चौराहे से गेट नंबर 6 होते हुए पुल चढ़ने के बाद जी-20 चौराहे होते हुए शहीद पथ जाने वाले रास्‍ते पर भी कहीं भी पुलिस की मुस्तैदी नहीं दिखाई दी। जी-20 गोल चक्‍कर से बाएं साइड आगे शहीद पथ जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ने पर थोड़ी दूर पर सड़क के दोनों साइड में लखनऊ ट्रैफिक पुलिस की ओर से पहली बैरिकेडिंग लगाई गई है, लेकिन वहां पर पुलिस नदारद दिखी। बैरिकेडिंग लगी होने की वजह से दोनों साइड से तेज रफ्तार गाड़ियों को गति धीमी करने पर मजबूर होना पड़ रहा था।
जी-20 वाले रास्ते पर कई जगह बैरिकेडिंग
इस तरह इस रास्ते पर लखनऊ ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगभग आधा दर्जन पुलिस बैरिकेडिंग लगाई गई है। लेकिन कहीं भी एक भी पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। हालांकि इस दौरान लखनऊ डीसीपी की गाड़ी जरूर शहीद पथ से जनेश्वर की ओर जाती हुई दिखी। वापस लौटते समय जी-20 होते हुए पुल उतरने के बाद दाहिनी साइड में बने पुल के अंडरपास से होते हुए रोड 1090 चौराहे गई है। उससे वापस लौटते समय भी कोई स्टंटबाज दिखाई नहीं पड़ा और ना ही कहीं पुलिस वाले दिखाई पड़े।


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