स्‍नेक वेनेम केस: नोएडा के थाने में सवालों का जवाब देने रात 2 बजे क्‍यों आए एल्विश यादव? जानिए

नोएडा: यूट्यूबर एल्विश यादव इन दिनों लगातार गलत वजहों से चर्चा में बने हुए हैं। सांपों का जहर सप्‍लाई मामले में नोएडा पुलिस ने उनको पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। इसमें कोई समय या तारीख नहीं लिखी थी। सूत्रों की मानें तो एल्विश ने पुलिस से कांटेक्ट किया और कहा वह देर रात थाने पहुंचेगा और तब उससे पूछताछ की जाए क्योंकि तब मीडिया का जमावड़ा नहीं होगा। पुलिस के हामी भरने पर एल्विश सात वकीलों के साथ मंगलवार रात 2 बजे सेक्‍टर 20 थाने पहुंचे। यहां उनसे करीब 25 सवाल पूछे गए। तीन घंटे पूछताछ के बाद एल्विश रवाना हो गए। पुलिस के मुताबिक पुलिस इस मामले के आरोपी राहुल को जब रिमांड पर लेगी तब वह एल्विश को दोबारा बुलाएगी और उससे पूछताछ करेगी वह भी आमने-सामने बिठाकर। दरअसल नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस केस में एल्विश यादव भी आरोपी है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें राहुल नाम का भी एक आरोपी है।

पांच संपेरे पकड़े गए

आपको बता दें गत 2 नवंबर को नोएडा पुलिस ने पांच सपेरों को पकड़ा था। इन पर आरोप है कि ये नोएडा के फॉर्म हाउसों में होने वाली रेव पार्टियों में सांप का जहर सप्‍लाई करते हैं। सांप का जहर नशे के रूप में यूज किया जाता है। इस मामले में एल्विश यादव का नाम भी सामने आया है। भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्‍था पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) के स्टिंग के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने एल्विश समेत अन्‍य लोगों के खिलाफ कोतवाली 49 में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में वायरल ऑडियो और वीडियो के आधार पर पुलिस ने एल्विश यादव को भी नामजद किया है।

सपेरों से बरामद 9 सांपों को जंगल में छोड़ा गया

गिरफ्तार पांच सपेरों के कब्जे से 9 सांप बरामद हुए थे। जिला न्यायालय के आदेश पर सभी सांपों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। इसके बाद मंगलवार को सभी सांपों को ग्रेटर नोएडा के जंगल में छोड़ दिया गया। मेडिकल परीक्षण के दौरान खुलासा हुआ कि पांच सांपों की विष ग्रंथि निकाली गई थी। आरोपियों ने कोबरा का विष भी निकाल लिया था।


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