ललन सिंह ने दी थी कानून-व्यवस्था की नई परिभाषा, मोतिहारी और बेगूसराय में मर्डर को कैसे जायज ठहराएंगे?

पटना: 'अभी आप मेरे सामने खड़े हैं, आप मेरी हत्या कर दें या हम आपकी हत्या करें दें। कौन लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है भाई? लॉ एंड ऑर्डर में किसी की हत्या हुई है तो हत्यारा पकड़ा जाएगा, ये कानून का काम है। लॉ एंड ऑर्डर तो खराब है मणिपुर में।' बिहार की सत्ताधारी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जब लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल पूछा गया तो उसे मणिपुर तक ले गए। मगर सवाल उठता है कि बेगूसराय में रिटायर्ड शिक्षक और मोतिहारी में हुए ठेकेदार मर्डर को कैसे जस्टीफाई करेंगे?

बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल

बिहार में लॉ एंड ऑर्डर हमेशा से सियासी मसला रहा है। सरकार चाहे किसी की भी हो, इस मसले पर जमकर सियासी बयानबाजी होती है। पिछले एक सप्ताह से एक के बाद एक हत्याओं से एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बेगूसराय में शनिवार को बेखौफ बदमाशों ने एक रिटायर शिक्षक की मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर बीच सड़क पर हत्या कर दी। वहीं, दूसरी वारदात पूर्वी चंपारण में हुई जहां बाइक सवार बदमाशों ने एक ठेकेदार की बीच बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले एसएचओ नंदकिशोर यादव और पत्रकार विमल यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

बेगूसराय और मोतिहारी में मर्डर से सनसनी

बेगूसराय के बछवारा में शनिवार सुबह रिटायर शिक्षक जवाहर राय की हत्या कर दी गई। इससे पहले फरवरी 2021 में मृतक जवाहर राय के बेटे की भी हत्या की गई थी। जिसमें वो चश्मदीद गवाह थे। बेगूसराय में पिछले एक सप्ताह में करीब आधा दर्जन अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया। शनिवार रात पार्किंग विवाद में तीन लोगों को गोली मार दी गई, जिसमें से एक की मौत हो गई। वहीं, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में बेखौफ अपराधियों ने एक ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी। चकिया थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर वारदात को अंजाम दिया गया। बिहार के दो जिलों में सुबह-सुबह डबल मर्डर से कोहराम मच गया। बेगूसराय का मामला बिल्कुल वैसा ही है जैसे अररिया में पत्रकार विमल यादव की हत्या की गई थी। रिटायर टीचर जवाहर राय के बेटे का दो साल पहले मर्डर किया गया था। वो इसमें अहम गवाह थे।

ललन सिंह के लिए लॉ एंड ऑर्डर की समस्या नहीं मर्डर?

पत्रकार मर्डर पर जब ललन सिंह से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर की नई परिभाषा गढ़ दी। उन्होंने कहा कि 'अभी आप मेरे सामने खड़े हैं, आप मेरी हत्या कर दें या हम आपकी हत्या करें दें। कौन लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है भाई? लॉ एंड ऑर्डर में किसी की हत्या हुई है तो हत्यारा पकड़ा जाएगा, ये कानून का काम है। लॉ एंड ऑर्डर तो खराब है मणिपुर में। तीन मई से वहां पर हिंसा हो रही है। कितने दिन से हिंसा हो रही है। जो आईएनडीआईए का प्रतिनिधिमंडल गया था, उसमें मैं भी गया था। दोनों समुदाय के जो राहत शिविर है, उसमें हमलोग गए थे। दोनों समुदाय में एक भी समुदाय का विश्वास वहां की राज्य सरकार पर नहीं है। डबल इंजन की सरकार है। तीन मई से वहां की हालत बेकाबू है, नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं और कानून-व्यवस्था की बात कर रहे हैं? थोड़ा-सा भी तो लोक-लिहाज रहना चाहिए।'

बीजेपी के निशाने पर आ गए नीतीश कुमार

वहीं, बिहार में बढ़ते आपराधिक घटनाओं पर बीजेपी के निशाने पर नीतीश कुमार आ गए। प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि 'बिहार के बेगूसराय में रिटायर्ड शिक्षक की हत्या कर दी गई। उनके पुत्र की दो साल पहले हत्या हुई थी। जिसमें वो गवाह थे। बिहार में जिस तरह कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, इससे जो नतीजे सामने आए, एसएचओ नंदकिशोर यादव, पत्रकार विमल कुमार यादव और अब देखिए। लगातार हत्याओं का दौर जारी है। बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। नीतीश कुमार के हाथ से कानून-व्यवस्था फिसल गई है। अब लालू जी के गोद में बैठकर जिस तरीके से प्रधानमंत्री पद का दिवा-स्वप्न देख रहे हैं, ऐसे में बिहार की जनता त्राहिमाम कर रही है। बिहार को अब नीतीश कुमार से मुक्ति का मार्ग तलाशना होगा। नीतीश कुमार जी का जीरो टॉलरेंस ऑफ क्राइम एंड करप्शन का दावा पूरी तरह से फेल है। कहीं भी किसी को न्याय नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी किसी को न्याय नहीं मिल रहा।'


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