गव क मटट लए आन... 75 सल क बद पहल बर मल भरत-पकसतन क द दसत महममद क यद आय हदसतन

इस्लामाबाद : 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन ने कई परिवारों और दोस्तों को अलग कर दिया था। उस दौर को अपनी आंखों से देखने वालों के ज़ेहन में अभी भी कई भयावह यादें मौजूद हैं। चाहें भारत हो या पाकिस्तान, सीमा पार गए लोग अभी भी अपनी जन्मभूमि का सम्मान करते हैं। ऐसे कई मामले भी सामने आ चुके हैं जहां लंबे अरसे बाद लोग अपने परिवार या दोस्तों से दोबारा मिले या अपने पैतृक घर को देखने दूसरे मुल्क गए। बिछड़ों को मिलाने में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा बड़ी भूमिका निभा रहा है जहां अब तक भारत-पाकिस्तान के कई परिवार मिल चुके हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला ताज मोहम्मद और सरदार मनोहर सिंह के मिलन का है। मंदिर प्रबंधन ने यह कहानी साझा की है।जियो न्यूज की खबर के अनुसार, ताज मोहम्मद और सरदार मनोहर सिंह विभाजन से पहले दोस्त थे लेकिन सीमाएं खिंचने के बाद सब कुछ खत्म हो गया। लेकिन कई साल बाद जब सोशल मीडिया आया तो पुराने दोस्तों के मिलन की एक आस जगी। दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़े और कई साल बाद यह दोस्ती फिर तरोताजा हो गई और दोनों ने मिलने का फैसला किया। मोहम्मद अब पाकिस्तान के पंजाब के ओकारा में रहते हैं लेकिन आज भी उन्हें अपनी जन्मभूमि जालंधर की मिट्टी की याद सताती है।

दोस्त से मंगाई गांव की मिट्टी

जब दोनों दोस्तों ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में मिलने का फैसला किया तो मोहम्मद ने अपने दोस्त से गांव की मिट्टी लाने को कहा। जब दोनों दोस्त मिले तो सिंह उनके लिए तोहफे के रूप में वह मिट्टी लेकर आए। यह दिखाता है कि व्यक्ति जिस मिट्टी में पैदा होता है, उसकी आत्मा उसी में बसती है। गुरुद्वारा की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट ने बताया कि ओकारा (पाकिस्तान) के ताज मोहम्मद करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से अपने पैतृक गांव जालंधर (भारत) से आए सरदार मनोहर सिंह से मिले।

'करतारपुर कॉरिडोर ने मुझे दोस्त से मिलवाया'

अधिकारियों के अनुसार एक-दूसरे से मिलकर मोहम्मद और सिंह बेहद खुश हुए। उन्होंने कहा कि वे सरकार और पीएमयू करतारपर के शुक्रगुजार हैं जिनकी वजह से 75 साल बाद उनकी मुलाकात हो पाई। जियो न्यूज से बात करते हुए मोहम्मद ने कहा, 'करतारपुर कॉरिडोर ने मुझे मेरे दोस्त और जालंधर की मिट्टी से मिला दिया।' पहले भी करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से मुलाकात की ऐसी कई कहानियां सामने आ चुकी हैं।


from https://ift.tt/bm4MVcW

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन