चीन और रूस से युद्ध का खतरा, अब जापान के साथ खड़ा हुआ नाटो, एशिया में बदलेगा समीकरण

टोक्‍यो: रूस के खिलाफ यूक्रेन संग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नाटो देश अब एशिया में भी शक्ति संतुलन को प्रभावित करने जा रहे हैं। जापान और नाटो देश अपने सहयोग को बढ़ाने जा रहे हैं। जापान और नाटो देश एक नए दस्‍तावेज को अपनाने जा रहे हैं जिससे दोनों के बीच रिश्‍ते मजबूत होंगे। साथ ही रूस और चीन से निपटने के लिए एक साझा फ्रेमवर्क बनेगा। जापान और नाटो देश यह सहयोग ऐसे समय पर बढ़ाने जा रहे हैं जब रूस और चीन के बीच सैन्‍य संबंध लगातार मजबूत होता जा रहा है। रूस और चीन ने हाल ही में अपने फाइटर जेट और बॉम्‍बर के साथ जापान के पास से उड़ान भरी थी और डराने की कोशिश की थी। इसके जवाब में जापान ने भी अपने फाइटर जेट हवा में दौड़ाए थे। जापान अभी भी इस 31 सदस्‍यीय सैन्‍य संगठन का सदस्‍य देश नहीं है लेकिन वह एक 'ग्‍लोबल पार्टनर' जरूर है। साल 2014 में जापान और नाटो देशों ने एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया था। इसमें समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता शामिल है लेकिन सेनाओं के बीच सहयोग इसमें नहीं था।

चीन-रूस से निपटने के लिए जापान खरीद रहा हथियार

अब योजना है कि इस सहयोग को बढ़ाया जाए। इस साल जुलाई में लिथुआनिया के अंदर नाटो देशों की एक बैठक होने वाली है, जिसमें इसको लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा को भी इस नाटो की मीटिंग में बुलाया गया है जहां वह यूक्रेन को समर्थन देने के मामले में अपनी स्थिति साफ करेंगे। इस बैठक में नाटो जापान के अंदर पहले एशियाई ऑफिस को खोलने का औपचारिक ऐलान कर सकता है। इससे पहले गत जून महीने में किश‍िदा ने नाटो के सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया था। वह ऐसा करने वाले पहले जापानी नेता थे। नए समझौते में दोनों पक्ष इस बात की कोशिश करेंगे कि वे चीन और रूस के मामले में एक जैसा रुख अपनाएं। हाल में आए पॉलिसी डाक्‍यूमेंट में रूस को जहां खतरा बताया गया था, वहीं चीन को चुनौती करार दिया गया था। इस समझौते में साइबर और स्‍पेस के बारे में भी जिक्र है जहां चीन और रूस दोनों ही बहुत करीबी सहयोग कर रहे हैं। जापान को डर है कि ताइवान के साथ-साथ चीन उसे भी निशाना बना सकता है। चीन और जापान के बीच द्वीपों को लेकर विवाद है। जापान अमेरिका घातक मिसाइलें और फाइटर जेट खरीद रहा है ताकि चीन के किसी हमले का करारा जवाब दिया जा सके। जी-7 देशों ने हाल ही में अपनी बैठक में चीनी सैन्‍य तैयारी पर गहरी चिंता जताई थी।


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