राहुल का बयान भुनाने की तैयारी में BJP, यूपी के गांव-गांव में यूं OBC वोटर्स साधने का प्‍लान

लखनऊ: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तरफ से 'मोदी सरनेम' को लेकर दिए गए एक पुराने विवादित बयान को लेकर हंगामा मचा हुआ है। यह हंगामा इतना मचा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तक रद्द हो चुकी है। अब उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP), राहुल गांधी के इस बयान को बनाने की तैयारी में लग गई है। आगामी निकाय चुनाव से लेकर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव तक के लिए बीजेपी उत्तर प्रदेश में ओबीसी वोट बैंक (OBC Vote Bank) तक पहुंच बनाने के लिए अभियान चलाने जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को यह बताएंगे कि राहुल गांधी ने कैसे मोदी समुदाय और पिछड़ों को अपमानित किया है। अगले महीने 6 अप्रैल को भाजपा पार्टी का स्थापना दिवस मनाएगी। 8 दिनों के कैम्पेन के दौरान गांव-गांव घर-घर चलो अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता पूरे प्रदेश को 15 हजार गांवों में लोगों के बीच जाएंगे। इस पूरे अभियान का मकसद ओबीसी समुदाय के लोगों को यह बताना है कि राहुल गांधी ने कैसे इस पूरे समाज का अपमान किया है। बीजेपी इस अभियान का इस्तेमाल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को टारगेट करने में भी करेगी। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से यह बताने की कोशिश की जाएगी कि ओबीसी बिरादरी के कल्याण के नाम पर कैसे अखिलेश यादव ने केवल खुद और अपने परिवार की ही चिंता की। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में योगी सरकार में मंत्री और यूपी भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने बताया कि अभियान से पार्टी ओबीसी बैंक पहुंचेगी। लोगों को यह समझाया जाएगा कि विपक्षी दल पिछड़ा समाज की भावनाओं का किस तरह से इस्तेमाल केवल अपने वोट बैंक के तौर पर करते हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं की तरफ से यह भी बताया जाएगा कि बीजेपी ने के कल्याण के लिए कौन-कौन से काम किए हैं। बीजेपी की तरफ से यह बताने की कोशिश की जाएगी कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के साथ ही सरकार और संगठन में बैकवर्ड समुदाय के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दिए जाने को लेकर पार्टी ने क्या कदम उठाए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यूपी में ओबीसी समाज करीब 70 लोकसभा सीटों पर प्रभावी असर रखता है। बीजेपी 2024 आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए गैर यादव ओबीसी वोट बैंक पर पूरा फोकस कर रही है। बीजेपी की तरफ से ओबीसी समाज को लेकर की जा रही इन कोशिशों पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से निशाना साधा गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव द्विजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि ललित मोदी और नीरव मोदी को निशाने पर लेकर था, जो कि भ्रष्टाचार और शॉर्ट में शामिल रहे हैं। तो क्या भाजपा उन्हें ओबीसी समाज से जोड़कर पिछड़ों का अपमान कर रही है? वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने कहा कि भाजपा की तरफ से इस कैंपेन का कोई भी लाभ नहीं मिलेगा। सपा ने हमेशा से यह साबित किया है कि पार्टी ओबीसी समाज का ख्याल रखती है। यह सच है कि ओबीसी समाज में पिछले चुनाव में भाजपा को वोट दिया लेकिन अब वे ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी नौकरियों से लेकर निकाय चुनाव तक में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे का हवाला दिया।


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