उमेश यादव के पिता का निधन, कोयले की खदान में नौकरी कर बेटे को बनाया था क्रिकेटर

नई दिल्ली: भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में हिस्सा ले रही है। उसने शुरुआती दो मैचों नागपुर और दिल्ली में शानदार जीत दर्ज करते हुए 2-0 की अजेय बढ़त ले ली है तो सीरीज का तीसरा मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच से ठीक पहले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव के पिता तिलक यादव का निधन हो गया है। उत्तर प्रदेश में जन्मे उमेश के पिता तिलक ने कोयले की खदान में नौकरी करते हुए बेटे को इंटरनेशनल क्रिकेटर बनाया था।उमेश यादव टीम इंडिया में शामिल हैं। इस बीच यह दुखद खबर आई है। रिपोर्ट्स की मानें तो उमेश नागपुर लौटेंगे। बता दें कि उमेश यादव को इंटरनेशनल क्रिकेटर बनाने में तिलक की बड़ी भूमिका रही। छोटी नौकरी होने के बावजूद बेटे के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यूपी के देवरिया से नौकरी की वजह से वह नागपुर आए थे। उनकी चाहत थी कि बेटा भी उनकी तरह सरकारी नौकरी करे, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था।उमेश यादव ने पिता के सपने को पूरा करने की कोशिश भी की, लेकिन बात बनी नहीं। बेटे को तो क्रिकेटर बनना था। उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया और विदर्भ क्रिकेट टीम में घरेलू टूर्नामेंट के लिए शामिल किए गए। यहां उन्होंने अपनी कहर बरपाती गेंदों से सूरमा बल्लेबाजों के हौसले पस्त किए। शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें 2010 में जिम्बाब्वे दौरे पर वनडे डेब्यू करने का मौका मिला।इसके एक वर्ष बाद ही उमेश ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में दिल्ली में टेस्ट करियर का आगाज किया, जबकि श्रीलंका के खिलाफ 2012 में टी-20 इंटरनेशनल करियर का पहला मैच खेला। वह 54 टेस्ट में 165 विकेट, 75 वनडे में 106 विकेट और 9 T20 में 12 विकेट झटक चुके हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट बांग्लादेश के खिलाफ दिसंबर 2022 में मीरपुर में खेला था।


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