सोलोमन द्वीप में चीन को करारा जवाब देगा अमेरिका, प्रशांत महासागरीय द्वीपों के लिए खोला खजाना

वॉशिंगटन: ऑस्‍ट्रेलिया की नाक के नीचे प्रशांत महासागरीय द्वीपों में बहुत तेजी से प्रभाव बढ़ा रहे चीन को करारा जवाब देने के लिए अमेरिका ने कमर कस ली है। अमेरिका ने कहा है कि वह प्रशांत महासागर के द्वीपों के साथ एक पार्टनरशिप के लिए सहमत हो गया है। इसके तहत अमेरिका ने प्रशांत महासागर के द्वीपों के लिए अपना खजाना खोल दिया है और बड़े पैमाने पर डॉलर की मदद देगा। यही नहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन 14 द्वीपीय देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ वाइट हाउस में दो दिवसीय शिखर सम्‍मेलन आयोजित कर रहे हैं। चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच अब अमेरिका भी ऐक्‍शन में आ गया है। हालांकि उसे सोलोमन द्वीप और मार्शल द्वीप समूह से झटका लग सकता है। चीन ने इस इलाके के एक प्रमुख देश सोलोमन द्वीप के साथ सैन्‍य समझौता किया है। बताया जा रहा है कि चीन सोलोमन द्वीप समूह में अपना सैन्‍य अड्डा बनाने जा रहा है। चीन के निशाने पर ऑस्‍ट्रेलिया और अमेरिका दोनों ही हैं। सोलोमन आइलैंड से अमेरिका और ऑस्‍ट्रेलिया काफी करीब हैं। चीन यहां सैन्‍य अड्डा बनाकर पूरे इलाके में जासूसी गतिविधियों को बढ़ाना चाहता है। प्रशांत महासागरीय द्वीपों में 86 करोड़ डॉलर का निवेश वॉशिंगटन पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का बाइडन प्रशासन प्रशांत महासागरीय द्वीपों में 86 करोड़ डॉलर निवेश का ऐलान कर सकता है। इससे पहले अमेरिका ने पिछले दशक में 1.5 अरब डॉलर इन द्वीपों में निवेश किया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सोलोमन द्वीप समूह के राष्‍ट्रपति समेत सभी नेताओं ने 11 प्‍वाइंट वाले बयान पर सहमति जताई है। इससे पहले बुधवार को खबर आई थी कि सोलोमन द्वीप के राष्‍ट्रपति इस बयान पर साइन के लिए तैयार नहीं हैं। वाइट हाउस ने अभी तक अमेर‍िकी निवेश के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। अमेरिका प्रशांत द्वीपों को ऐसे समय में अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है जब चीन इस पूरे इलाके में बहुत ज्‍यादा सक्रिय हो गया है। चीन लगातार यहां निवेश कर रहा है। चीन ने सोलोमन द्वीप के साथ सुरक्षा समझौता किया है। इस इलाके के कई नेता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे अमेरिका बनाम चीन की होड़ में फंस सकते हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो चीन को लेकर बहुत चिंतित हैं। पैसफिक आइलैंड फोरम के लिए राजदूत की नियुक्ति अमेरिका अपने नए कदमों के तहत पूरे इलाके में अपने राजनयिक प्रभाव को बढ़ाने जा रहा है। अमेरिका तीन नए दूतावास खोल रहा है और पैसफिक आइलैंड फोरम के लिए राजदूत की नियुक्ति कर रहा है। अमेरिका फिजी में फिर से इंटरनैशनल डिवलेपमेंट एजेंसी को बनाने जा रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने इन देशों के नेताओं को डिनर के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक बार फिर से हिंद प्रशांत क्षेत्र को स्‍वतंत्र और मुक्‍त बनाने का आह्वान किया है।


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